हा हा कार: डॉ.रामनिवास तिवारी

हा हा कार तो मंच गया, पाकिस्तान में आज।
समझा नही भारत की ताकत,हार के आगाज।
हार के आगाज’ झंडा ऊंचा रहे हमारा’।
सेना ने तो आतंकियों को घर में घुसकर मारा।
कहे आशुकवि कविराय, हिंदू स्त्रियो का सिन्दूर उजारा।
मांगे भीख न मिल पायेगी’ ख़ुद पैर कुल्हाड़ी मारा।।

आतंकियों ने पहलगाम में, कैसा कहर जो ढाया है।
पूरे भारत में दुखित वीभत्स,देखो मातम छाया है।
उनके दिल परक्या गुजरी,जिनके दिल के थे टुकड़े।
कितना कठिन हदय होगा, फिर भी रोना आया है।
दुनिया को हिला दिया है, पहलगाम के इस आतंकी हमले ने।
कैसी ईश्वर की महिमा, ऐसा काल जो आया है।
डॉ.रामनिवास तिवारी आशुकवि “गढकुडार
राष्ट्रीय संयोजक- राष्ट्रीय प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी समिति
प्रदेश महासचिव- साहित्य परिषद प्रकोष्ठ

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