” ऑपरेशन सिंदूर “”
————-: हमारी बेटियां :———–
अब वो ज़माना नहीं रहा, बेटियां बाहर न जाती थी ,
अजनबियों के आगे जब , वो बहुत ही घबराती थी ।
आज बेटोंं की तरह ही, हर क्षेत्र में कुशल हो गई हैं ,
आगे ही आगे हरदम ये , अपने कदम बढ़ा रही हैं ।
इस नए युग में बेटे बेटी में भी , कोई फर्क नहीं रहा है ,
जो कोई फर्क कर रहा है, उस पे हर कोई हँस रहां है ।
“ऑपरेशन सिंदूर ” में भी बेटियों ने ग़ज़ब किया है ,
नारी सशक्तिकरण का भी जैसे उदाहरण दिया है ।
देश और सैन्य का भी मस्तक ऊंचाई पर पहंचाया है ,
हाथ में तिरंगा थाम कर , हम को विजयी बनाया है ।
— गोविन्द रीझवाणी ” आनंद “_✍️