सीजफायर
आस्तीन के सांपों पर भरोसा न करना
ये नहीं चूकते कभी पीठ पीछे डंक मारने को
इनकी कथनी करनी में है फर्क बड़ा
ईमान बेच देते हैं किसी को भी जख्म देने को
जिनके लिए अपने ही लोगों में कोई नहीं सगा
वो कैसे पीछे रहेंगे पड़ोसी को धोखा देने को
कितनी भी कसमें खा लें इनका नहीं भरोसा
इस बार नहीं देना मौका इनको ज़मी से उठने को
अब तो ऐसा सबक सिखाना है बुझदिलो को
इनकी पुश्तें भी कभी न भूल पाए हिंदुस्तान को
भारत भूषण अरोड़ा # जज़्बाती #