तम्बाकू
तम्बाकू है मीठा जहर,
ढाता जीवन में कहर।
तम्बाकू से केंसर हो जाती,
शराब फेफड़ों को गलाती।
इस तम्बाकू के रूप अनेक,
सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, हुक्का देख।
शौक शौक में लत लगाते,
जीते जी फिर छोड़ ना पाते।
घर का खाका सब बिगड़ जाता,
सारा पैसा नशे में उड़ जाता।
बीमारी में ना दवाई आती,
बच्चों की पढ़ाई छुट जाती।
भांडे बर्तन सब बिक जाते,
उधारी वाले मांगने आते।
घर में कलह शुरू हो जाती,
पत्नी रोज पीटी जाती।
बच्चे डर से सहमें रहते,
रिश्तेदार सब दूर ही रहते।
इस तम्बाकू से दूरी बनाओ,
अपना बहुमूल्य जीवन बचाओ।
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तम्बाकू: श्रीमती मंजू बाला
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