तिरंगा झंडा: जलेश्वरी वस्त्रकर

तीन रंगों से बना तिरंगा
हरा सफेद केसरिया
बीच में बना है अशोक चक्र
जिसमें 24 तिलिया
हमारी शान तिरंगा
हमारी मान तिरंगा

1–जो लहराता हिमालय के अटल अविचल शिखर में
शान न इसकी कम हो जाए छुपा लो हृदय के भीतर में
इसकी आन बान की खातिर कितनों ने दी कुर्बानियाँ
तीन रंगों से बना तिरंगा हरा सफेद केसरिया
बीच में बना है अशोक चक्र जिसमें है 24 तीलियां

2- सिंहनांद कर उड़े तिरंगा उड़े खुले आसमान में
हिंद सनातनियों के बल पर उड़े हैं हिंदुस्तान में
जान जिगर से बढ़कर साथियों हिंदुस्तान की वादियां
तीन रंगों से बना तिरंगा हरा सफेद केसरिया
बीच में बना है अशोक चक्र जिसमें है 24 तिलियां

3- खून की होली खेली थी जब भारत के रंगबाजों ने
हस्ताक्षर कर खून से लिख दिया सिंदरी आजादी जाबाजों ने
याद दिलाती आज तिरंगा शहादत ए कुर्बानियां
तीन रंगों से बना तिरंगा हरा सफेद केसरिया
बीच में बना है अशोक चक्र जिसमें 24 तिलियां

4– आजादी का दिवा स्वप्न था पूरा हुआ 15 अगस्त को
आज मना रहे हैं हम खुशियाँ आजादी की 15 अगस्त को
फिर ना भूलेंगे हम तुम जलेश्वरी वीरों की बलिदानियाँ
तीन रंगों से बना तिरंगा हरा सफेद केसरिया
बीच में बना है अशोक चक्र जिसमें है 24 तिलियां
हमारी शान तिरंगा
हमारी मां तिरंगा
जय हिंद जय भारत जय श्री राम
स्वरचित रचना
जलेश्वरी वस्त्रकर जयरामनगर बिलासपुर छत्तीसगढ़

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