विश्व पर्यावरण दिवस
✍🏻 राजेश शर्मा काशीपुर उत्तराखंड
ईश्वर ने जब धरा का निर्माण किया था,
प्रकृति को हरियाली का उपहार दिया था,
हरियाली ने ही प्राणवायु का संचार किया है,
पर्यावरण की सुरक्षा मानव का कर्तव्य है
वृक्षारोपण से ही धरा पर जीवन बना है
ये प्लास्टिक ही पर्यावरण का मुख्य शत्रु है
अपने ही पैरो पर कुल्हाड़ी क्यों मारते हो?
जिस डाल पर बैठे हो उसे ही काटते हो,
ये कंकरीट के स्तम्भ ही क्या आधुनिकता है?
बबूल के वृक्ष पर कभी आम नहीं आते हैं
प्रकृति से दूर क्यों भाग रहा है मानव?
कुछ तो जल का संरक्षण भी तू कर ले,
आज विज्ञान को भी आगे बढ़ना होगा,
प्लास्टिक से मुक्ति के लिए कुछ करना होगा
कृषि को पुनः प्रकृति से जोड़ना होगा,
विश्व पर्यावरण दिवस को साकार करना होगा
प्रकृति के लिए अश्वमेघ यज्ञ करना ही होगा|
राजेश शर्मा काशीपुर उत्तराखंड की लेखनी_से