पत्रकारिता है लोक तंत्र का चौथा स्तम्भ
जागरूक पत्रकार सदा होता सच
के संग ।
जनता की आंख और कान है,पत्र
कार के साथ।
जो पत्रकार बतलाते हैं जनता करती उस पर विश्वास ।
नारद और संजय थे आदि काल के पत्रकार।
सभी सूचनाओं के वे थे सूत्राधार ।पत्रकारों से जनता को मिलता है
सारे समाचार।
इनकी सभी रिपोर्टिंग होती,सारे खबरों का आधार ।
इसलिए जनता के प्रति आपका
है प्रमुख कर्तव्य ।
झूठ मत फैलाइए,वही कहिए,
जो हो बिल्कुल सत्य
पर सत्य वही समझाइए जो समाज के लिए हो हितकर
जिस से समाज में फैले वैमनस्य ,
उस से रहो दूरी बनाकर ।
कभी कभी जनता के हित में
सत्य दबाना पड़ता है
घर में भी मरीज से बहुत कुछ
छिपाना पड़ता है।
राष्ट्र हित और समाज हित से कुछ भी नहीं है बढ़कर ।
पर सत्य से पीछे मत हटना दुश्मन के दबाव में आकर ।
राष्ट्र आपदा में आप पर जनता करे भरोसा ।
सच तो ये उतना ही जाने जितना
आप परोसा ।
नेताओं और विशिष्ट जनो के जन
प्रतिनिधि हैं आप।
आप के खबरों से उन सबका
उठता गिरता ग्राफ ।
कभी किसी के लोभ जाल में कभी न फंसना आप
तभी बनेगी विश्वसनीयता आप की नहीं लगेगा कोई दाग।
लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ,आप से समाज का होता निर्माण।
पर आपकी छवि का दारोमदार है
आप के सच झूठ के साथ।
मौलिक और स्वरचित
शैलेन्द्र कुमार अम्बष्ट वाराणसी।