तितली:

तितली आई तितली आई,
रंग-बिरंगी सबको भाई।
नीली काली पीली तितली,
होती है मतवाली तितली।
कभी इधर से,
कभी इधर से।
फूलों पर बैठ ठाठ से,
फूलों का रस पीने वाली,
बहारों में है जीने वाली।
उड़ती फिरती डाली डाली,
फूलों की करती रखवाली।
लम्बे लम्बे डंकों वाली,
कोमल कोमल पंखों वाली।
फूलों से करती है बात,
बच्चों के नहीं आती हाथ।
सबके मन को हर्षाने वाली,
बच्चों को तरसाने वाली।

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