माँ : उत्तम कुमार तिवारी ” उत्तम “

माँ पर क्या लिखूं
माँ खुद एक किताब है ।
जिसके पन्नों मे जीने के
हर फलसफा लिखा है ।।

हर मर्ज़ की दवा है उसके पास
खासी की बुखार की सर्दी की ।
नींद न आने की बहाने बनाने की
भूख न लगने की और शैतानी की ।।

मेरी माँ की किताब मे हर शिक्षा है
संस्कार की समाज की मर्यादा की ।
अर्थ की नीति की शिक्षा की
कर्म की धर्म की प्यार की ममता की ।।

मेरी माँ एक चलती फिरती
जीवन का प्रशिक्षण संस्थान है ।
मेरी माँ मेरा सब कुछ है
मेरा जीवन मेरा मान सम्मान है ।।

मेरी माँ मेरा धर्म है
मेरी माँ मेरा कर्म है
मेरी माँ मेरी पुूजा है
और नही कोई दूजा है ।।

माँ पर क्या लिखूं
माँ खुद एक किताब है ।।


उत्तम कुमार तिवारी ” उत्तम “
लखनऊ
उत्तर प्रदेश
भारत

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