आपरेशन सिंदूर
बाइस थी तारीख, और दिन था मंगलवार
आया किसी के मन मे, कोई ज़हरीला विचार
आतंक के कुकर्म का, फिर हुआ ये कारोबार
काश्मीर के पहलगाम में, हुआ बड़ा अत्याचार
ज़ोर शोर से फैला, फिर नफ़रतों का बाज़ार
आंतक ने तोड़ा, फिर इन्सानियत का एतबार
लश्कर ए तैयबा के बंदों ने, किया ये नरसंहार
नई नवेली दुल्हन के भी, बने ये बड़े गुनाहगार
मिटाके सिंदूर महिलाओं के,हुआ धर्म शर्मसार
किया आपरेशन सिंदूर, करके पूरा ये पुनर्विचार
पहलगाम हमले के बाद, पूरे राष्ट्र की थी पुकार
एक एक कर मरेंगे, यह सब आंतकी कई हज़ार
पाकिस्तान के नौ ठिकानों पर, किया यह प्रहार
भारतीय नौसेना का, तहेदिल से हम शुक्रगुज़ार
बहुत बहुत मुबारक आपको,आज मोदी सरकार
लेकर प्रतिशोध किया, हम सब के मन को ठार
गुरु कृपा से स्वरचित_सूरज कांत✍️✍️