विधा कविता
आओ हम सब मिल कर,
विश्व पर्यावरण दिवस पर,
एक एक पेड़ लगाये,
अपना कर्तव्य समझ कर,
एक कदम जब बढाएँगे हम,
तभी हरे पेड़ों की रक्षा होगी
पेड़ों को न काटे पेड़ लगाये,
बिन इनके वातावरण,
का ताल मेल बिगड़ जायेगा,
फूल-पत्तियाँ पशु-पक्षी ,
और येे हरे-भरे ये पेड़,
सच्चे मित्र यही अपने हैं,
इनको मत कभी न छेडे़ ,
ये हमे देते हैं आक्सीजन,
जिससे हम रहते हैं स्वस्थ,
और कार्बन-डाई-ऑक्साइड,
को खींच कर वातावरण है,
को शुद्ध रखते है ये वृक्ष,
आओ हम सब लोग ज्यादा नहीं,
तो एक एक पेड़ लगाये,
और अपने पर्यावरण को,
खराब हो ने से बचायें।
स्वरचित
पुष्पेंद्र दुबे
उत्तर प्रदेश